Friday, 30 September 2011

navratri me karye siddhi

navratri me karye siddhi:-
१. किसी भी जरुरी कार्य पर जाने से पूर्व माँ दुर्गा को नवरात्री के किसी भी दिन पञ्च लाल फूल, नारियल व गुलाबी बर्फी चढ़ाये व भगवन शिव को तीन बैल पत्र चढ़ाये| माँ व भोले शंकर से कार्य हो जाने की प्राथना करे एक फूल पंडितजी से लेकर जेब में रखकर जाये कार्य सिद्ध होगा, कार्य सिद्ध यन्त्र घर के पूजा स्थल में स्थापित कर सकते है व मनोकामना लिखकर यन्त्र के निच्चे रखे तो भी कार्य सिद्ध होगा|
दुर्गा सप्तसती के पाठ का फल :- १ रविवार को पाठ करने से नो दिनों के पाठ के बराबर फल प्राप्त होता है|
२. सोमवार को पाठ करने से अत्ति उत्तम फल की प्राप्ति होती है|
३. मंगलवार को पाठ करने से सौ पाठ करने के बराबर फल प्राप्त होता है|
४.बुधवार को पाठ करने से एक लाख पाठ करने के बराबर फल प्राप्त होता है|
५. गुरुवार को पाठ करने से सवा लाख पाठ करने के बराबर फल प्राप्त होता है|
६.शुक्रवार को पाठ करने से दो लाख पाठ करने के बराबर फल प्राप्त होता है|
७.शनिवार को पाठ करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है|

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१. शेयर बाजार में सफलता प्राप्ति
१. नवरात्री में जो बुधवार पड़े उस दिन प्रत्येक बुधवार को मन में
ॐ दुर्गाये नमः बोलते हुए बकरियों को हरा चारा खिलाये, सफलता अवस्य मिलेगी| नवरात्री की अस्तमि से शुरू करते हुए सफ्तिक माला से ॐ बुधाये नमः की एक माला का जप करे सफलता को देखकर आप आश्चर्ये चकित हो जायेंगे| यदि यह उपाए नवरात्री में न हो तो दीपावली पर करे | शुभ समय पर किया उपाए सफलता अवस्य देता है| धन हानि रोकने के लिए
यदि व्यापार में लगातार धन हानि हो रही है तो नवरात्री या स्वार्थ सिधि योग के दिन गल्ले के निचे पांच दाने काली गूंजा के रखे| दाने रखते वक्त मन ही मन श्री श्री श्री का जाप करते रहे| दो मोती संखो को केसर का तिलक लगाकर गल्ले में रखे| नवरात्री के दिनों में श्री धनदा यन्त्र व कुबेर यन्त्र की पंचोपचार से पूजाकर गल्ले या तिजोरी में स्थापित करे| प्रतिदिन गुलाब का फूल चढ़ाये गुलाब पुष्प के न मिलने पर गुलाब की अगरबती जलाये मालामाल होने में समय नहीं लगेगा| दीपावली पर भी उपाय किया जा सकता है|
ऋण मुक्ति
यदि आप लम्बे समय से भारी क़र्ज़ से ग्रस्त है तो नवरात्री के शुक्रवार से उपाय शुरु करे प्रातकाल या रात को प्रतिदिन कनकधारा, स्त्रोत, श्री सूक्त एवेम पुरुष सूक्त का पाठ आरंभ कर दे| ये पाठ सफ्टिक श्री यन्त्र के समक्ष करे| यह उपाय शिग्र फलदाय है| पूर्व जन्मो के बुरे कार्यो के फलस्वरूप भी यक्ति ऋण ग्रस्त होता है| ऐसे में शनिवार के दिन नवरात्री में मेहँदी को पानी में भिगोकर उसका एक दीपक बना ले| अवम उस दीपक में आधी सिकी बाटी रखे इस दीपक को सूर्यास्त के समय किसी चोराहे पर रख दे| तथा अपने कुल देवता से ऋण मुक्त होने की प्राथना करे| बिना किसी से बोले बिना पीछे देखे सीधे घर लोट आये| यह प्रयोग लगातार सात शनिवार तक करे| पानी की बोतल साथ ले जाये बाहर से हाथ पैर धोकर घर में घुसे| तीसरे शनिवार के पश्चात कुल देवता प्रसन होकर आपको स्वप्न में दर्शन देंगे व ऋण मुक्ति का या समर्धि का अधभुत उपाय बताएँगे| इस उपाय को करने से शिग्र ही ऋण उतर जाता है व धन समर्धि में दिन दुनी रात चोगुनी वर्दि होती है|
उपरी बाधा से मुक्ति
नवरात्री के किसी भी दिन अपने घर में मुंगे से हनुमानजी की स्थापना करे अवम ११ दिन तक हनुमान चालीसा का पाठ करे सरसों के तेल के दीपक में दो लॉन्ग डालकर जलाये| बाधा नष्ट हो जाएगी| नवरात्री में शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाये व उन्हें गुड चने का प्रसाद चढ़ाये| फिर मूर्ति के कंधे पर से थोडा सिन्दूर लाकर नजर दोष से पीड़ित यक्ति के माथे पर लगा दे मुक्ति मिलेगी|
प्रेम विवाह व करियर में सफलता
नवरात्री में मंगलवार से शुरू करे मंगलवार शाम को दुर्गा चालीसा व बजरंग बाण भी पढ़े| नो बूंदी के लड्डू बर्क लगाकर लाल कपडे में रख ले| व माँ के सामने चढ़ा दे इसके बाद भक्तो में वितरित कर दे सात मंगलवार करे| जब शुक्र अस्त हो तो प्रेम विवाह नहीं करे , नवरात्री में उपाय के तोर पर अस्तमि को ४-५ वर्ष की कन्या को चांदी की पायल दे| व पुडी हलवा खिलाये बहूत उतम सफलता मिलेगी|
संतान प्राप्ति
पहले नवरात्री से शुरू करके ४३ शुक्रवार तक आटे में पनीर मिलाकर गाय को पेढा खिलाये निरंतर माँ भगवती का ध्यान करते हुए प्रत्येक शुक्रवार को ऐसा करे मन में ॐ दुर्गाय नमः का जाप करते हुए गाय को पनीर वाला पेढा खिलाये| पनीर में मीठा या नमकीन कुछ नहीं मिलाये संतान शिग्रह प्राप्त होगी| नवरात्री में यह उपाय चुक जाय तो आहोये अस्तमि या धनतेरस से प्रारंभ कर सकते है नवरात्री के किसी भी दिन घर के पूजा घर में संतान गोपाल यन्त्र की स्थापना करे| तुलसी माला से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करे साथ ही दस मुखी रुद्राक्ष धारण करे रविवार को तुलसी की माला से जाप न करे उस दिन मानसिक जाप करे शिग्रह ही बच्चे की किलकारी से घर गूंजेगा|
रक्त चाप नियंत्रण
रक्त चाप के रोगी को तृतीये नवरात्री से ॐ वज़ हस्ताभ्या नमः मंत्र की एक माला का जाप शुरु कर देना चाहिए माँ दुर्गा के सामने घी का दीपक दो छोटी इलायची डालकर जलाये व रुद्राक्ष माला से जाप करे रक्त चाप सामान्य होने लगेगा| ताम्बे का शुद्ध कड़ा या ताम्बे का छल्ला अस्तमि के दिन माँ दुर्गा के चरणों में छुआकर व पांच लाल फूल चढ़कर अपने पेरो में धारण करे रक्तचाप में आशातीत सफलता मिलेगी|

Friday, 29 July 2011

hariyali amavasya

कल यानि ३०/७/११ को हरियाली अमावस्या है इस दिन शनिदेव की पूजा आराधना का विशेस महत्व है साथ ही पीपल के वृक्ष की पूजा इस दिन करने से हज़ार गुना जादा फल प्राप्त होता है कहते है की पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा vishnu व् महेश तीनो ही विराजमान रहते है व् पत्तो में ३३ करोड़ देवी देवताओ  का निवास माना जाता है|

Thursday, 14 July 2011

guru ka mahatva

युगों पूर्व आश्रमों में पनपी गुरु शिष्य परम्परा ने ज्ञान,
विज्ञानं और आध्यात्म का कभी खत्म न होने वाला खजाना हमारे लिए छोड़ा 
है| हमने अपनी लोक, धार्मिक और पौराणिक कथाओ में 
गुरुओ के आशीर्वाद के अनगिनत प्रसंग सुने है| सभी में 
गुरु को ब्रम्हा, विष्णु, महेश के बराबर स्थान दिया गया है|
शास्त्रों में कहा गया है की मनुष्य के तीन प्रत्यक्ष देव है -माता,
पिता, गुरु| माँ जन्म देती है, जीवन की रचियता है इसीलिए 
ब्रम्हा है | पिता जीवन के पालनकरता  है इसीलिए विष्णु का रूप 
माने जाते है| गुरु व्यक्ति के कुसंस्कारो को समाप्त करते है, इसीलिए वह 
महेश है | गुरु वह डोर है, जो आत्मा का परमात्मा से मिलन करने 
में पूर्ण सक्षम है| जीवन के हर कार्य को सिखाने वाले मार्गदर्शक 
गुरु ही है |

Saturday, 26 February 2011

shiv mahima


सूर्य के प्रिय,भवसागर के तारक ,काल के लिए भी महाकाल स्वरुप ,कमलासन से पूजित त्रिनत्रधारी 
दुःख के विनासक , ऐसे शिवजी को मेरा नमस्कार है |