Friday, 29 July 2011

hariyali amavasya

कल यानि ३०/७/११ को हरियाली अमावस्या है इस दिन शनिदेव की पूजा आराधना का विशेस महत्व है साथ ही पीपल के वृक्ष की पूजा इस दिन करने से हज़ार गुना जादा फल प्राप्त होता है कहते है की पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा vishnu व् महेश तीनो ही विराजमान रहते है व् पत्तो में ३३ करोड़ देवी देवताओ  का निवास माना जाता है|

Thursday, 14 July 2011

guru ka mahatva

युगों पूर्व आश्रमों में पनपी गुरु शिष्य परम्परा ने ज्ञान,
विज्ञानं और आध्यात्म का कभी खत्म न होने वाला खजाना हमारे लिए छोड़ा 
है| हमने अपनी लोक, धार्मिक और पौराणिक कथाओ में 
गुरुओ के आशीर्वाद के अनगिनत प्रसंग सुने है| सभी में 
गुरु को ब्रम्हा, विष्णु, महेश के बराबर स्थान दिया गया है|
शास्त्रों में कहा गया है की मनुष्य के तीन प्रत्यक्ष देव है -माता,
पिता, गुरु| माँ जन्म देती है, जीवन की रचियता है इसीलिए 
ब्रम्हा है | पिता जीवन के पालनकरता  है इसीलिए विष्णु का रूप 
माने जाते है| गुरु व्यक्ति के कुसंस्कारो को समाप्त करते है, इसीलिए वह 
महेश है | गुरु वह डोर है, जो आत्मा का परमात्मा से मिलन करने 
में पूर्ण सक्षम है| जीवन के हर कार्य को सिखाने वाले मार्गदर्शक 
गुरु ही है |